UP : नए सत्र में 767 स्कूलों को मान्यता देगा यूपी बोर्ड

UP : नए सत्र में 767 स्कूलों को मान्यता देगा यूपी बोर्ड


2020-21 शैक्षिक सत्र में 767 स्कूलों को यूपी बोर्ड से मान्यता मिलेगी। बोर्ड ने प्रयागराज, मेरठ, वाराणसी, बरेली और गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालयों का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। उम्मीद है कि अप्रैल में सत्र शुरू होने से पहले इन स्कूलों का मान्यता आदेश ऑनलाइन माध्यम से जारी हो जाएगा। इन स्कूलों के छात्र-छात्राएं 2022 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होंगे।


2020 की बोर्ड परीक्षा में 27405 राजकीय, सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन स्कूलों के छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए थे। यूपी बोर्ड ने शासन को मान्यता की कुल 984 प्रकरण शासन को भेजे हैं। हाईस्कूल नवीन मान्यता के 354, इंटर नवीन मान्यता के 292, हाईस्कूल एवं इंटर नवीन मान्यता के 121, इंटर अतिरिक्त वर्ग के 203 और इंटर अतिरिक्त विषय के 14 केस हैं। 


1864 स्कूलों ने मान्यता के लिए किया था आवेदन
यूपी बोर्ड से मान्यता के लिए प्रदेशभर के 1864 स्कूलों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। स्क्रीनिंग के बाद बोर्ड ने 984 प्रकरणों की संस्तुति शासन को भेजी है। बोर्ड ने 15 जुलाई तक बिना लेट फीस और 16 से 31 जुलाई तक लेट फीस के साथ ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। अंतिम तिथि तक 2020 स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन इनमें से 156 ने फार्म सबमिट नहीं किया। आवेदक संस्था का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद डीआईओएस की अध्यक्षता वाली कमेटी ने 30 नवंबर तक रिपोर्ट भेजी। 2021 की बोर्ड परीक्षा के लिए सरकार ने 11 जुलाई को 1022 स्कूलों को मान्यता प्रदान की थी। 


इस साल से अब 31 मई तक करना होगा आवेदन
यूपी बोर्ड से मान्यता लेने के लिए 2020-21 सत्र से संस्थाओं को अब 31 मई तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मान्यता प्रकरणों को समय से निस्तारित करने के लिए बोर्ड ने समयसीमा में परिवर्तन किया है। 2019-20 सत्र तक बोर्ड ने 31 जुलाई तक विलम्ब शुल्क के साथ मान्यता के आवेदन स्वीकार किए थे। नई व्यवस्था के अनुसार जिला विद्यालय निरीक्षक 15 मई तक प्राप्त आवेदन पत्रों की सूची 31 मई तक संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को ऑनलाइन भेजेंगे और 16 से 31 मई तक प्राप्त आवेदनों की लिस्ट 10 जून तक उपलब्ध कराएंगे।


ऑनलाइन आवेदन पत्रों का परीक्षण मान्यता के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार जिला विद्यालय निरीक्षक 15 जून तक करेंगे। कोई कमी होने पर स्कूल को 30 जून तक ऑनलाइन सूचित करेंगे। संस्थाधिकारी कमियों को दूर करते हुए 31 जुलाई तक डीआईओएस को भेजेंगे और डीआईओएस जांच समिति द्वारा स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद 20 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट भेजेंगे। बोर्ड अपने स्तर से 30 नवंबर तक मान्यता के सभी प्रकरण निस्तारित करेगा।